Top 5 Hindi Horror Story For Kids (2020)

Hi, are looking for the best horror story for kids? In this blog, I will share best short Hindi Bhoot story in Hindi.

Related:- Hindi Moral story for your kids.

On our website you will find a lot of poetry and stories with images and pdf files. We know to find the best story for your kids is too difficult but with us is not.

Tellerify provides the best short moral stories, Poetry, and a lot of great content. Hope you will Like to explore our website. Ok, Let’s see…

Hindi Horror Story For Kids you will love

horror-stories-for-kids

मछली खानेवाला भूत

बहुत साल पहले की बात है, यह कहानी एक गांव की है। उस गांव में राजू और पप्पू नाम का दो दोस्त रहा करते थे। एक दिन वह दोनों गांव के पास में एक तालाब के पास बैठकर बातें कर रहे थे।

तभी राजू ने पप्पू को कहा, “यह तालाब तो सूखने को है, और इस तालाब में मछली भी बहुत है। दो दिन बाद गांव के लोग इस तालाब के सारे मछली पकड़ लेंगे, क्यों ना हम एक काम करते हैं। हम इस तरफ से मछली पकड़ते हैं, और जितना भी मछली पकड़ेंगे, दोनों आपस में बांट लेंगे।”

पप्पू भी राजू के बाद पर सहमत हो गया। और वह दोनों यह तैयार किया, के अगले दिन रात को ३:00 बजे पप्पू आकर राजू को उठाएगा। क्योंकि राजू अपने आप उठने वालों से नहीं था।

उसके अगले दिन रात ठीक ३:00 बजे पप्पू आकर राजू के घर का दरवाजा खटखटा थे है। पप्पू आया समझ के राजू भी अपने साथ जाल और मछली रखने के लिए एक टोकरी लेकर पप्पू के साथ चल पड़ा।

रास्ते में राजू ने पप्पू को जो सवाल पूछता था, वह उसका जवाब नहीं देता था। दोनों जाके उस तालाब के पास पहुंच गए। राजू ने मछली रखने का टोकरी तालाब के किनारे रखा।

दोनों मछली पकड़ने गए, जो जितना भी मछली पकड़ रहा था, उसे लेकर वह उस टोकरी में रखता था। उस दिन राजू बहुत खुश था। क्योंकि तब तक को बहुत मछली पकड़ चुका था।

लेकिन कुछ देर बाद जब वह मछली रखने के लिए उस टोकरी के पास गया, तभी उसने देखा कि टोकरी में एक की मछली नहीं थे। राजू ने सोचा, शायद यह पप्पू का काम है। वह ज्यादा मछली लेने की लालच में, सारे मछलियों को छुपा रहा है।

वह पप्पू को इस बारे में ना पूछ के फिर से मछली पकड़ने गया। पर इस बार उसके ध्यान पप्पू के ऊपर था। राजू ने देखा, पप्पू मछली लेकर तालाब के किनारे गया, और किनारे बैठ कर टोकरी में रखा हुआ मछलियों को कच्चा ही खाने लगा।

यह देख कर राजू की आंख फटे ही फटी रह गई। राजू डकते हुए उसको पूछा, अरे पप्पू कितना मछली हुआ?

पर पप्पू राजू के सवालों का कोई जवाब नहीं दे रहा था।

राजू समझ गया, वह पप्पू नहीं, वह पप्पू के भेष में एक भूत है। और वह भूत मछली खा रहा था। इसी पल का फायदा उठाते हुए राजू वहां से भाग खड़ा हुआ। वह अपनी घर की ओर भागी रहा था कि, तब उसके सामने फिर से पप्पू दिखा।

पप्पू को यूं अचानक सामने देख कर राजू डर गया। और डर के मारे नीचे गिर गया। पप्पू राजू को कुछ कहने से पहले राजू उठके फिर से दौड़ने लगा। राजू को दौड़ते देखकर पप्पू भी उसके पीछे पीछे दौड़ने लगी।

घर पहुंचने के बाद राजू दरवाजा बंद कर दिया। और पप्पू घर के बाहर ही रह गया। पप्पू दरवाजा खटखटा रहा था, और यह खटखटाने की आवाज सुन के, राजू के माता पिता उठ गए।

माता पिता को पास देख कर, राजू थोड़ी सी हिम्मत कर दरवाजा खुला, और पप्पू को अंदर आने दिया। अंदर आकर पप्पू राजू को पूछा, क्या हुआ? तुम मुझे देख कर डर क्यों रहे थे?

राजू पप्पू और पिता माता को अपने साथ हुई सारी बात बताई। यह सिम के पप्पू भी बहुत डर गया। उस दिन की घटना को दोनों आज तक नहीं भूले। और उस दिन के बाद वह दोनों कभी उस तालाब के पास नहीं जाए।

horror-stories-for-kids

भूत और लालची मगन

एक गांव में सोहन और मगन नाम के दो भाई रहा करते थे। दोनों भाई एक ही घर में अपने मां के साथ रहते थे।

एक दिन लालच में आकर मगन ने सोहन के साथ लड़ाई कर ली।

सोहन ने कहा, “भैया ऐसे मत कहो, मुझे आपसे कुछ नहीं चाहिए। पिताजी के जाने के बाद, मुझे आपका ही तो सहारा है।” मगन ने बोला, “मैं तुम्हारा खर्चा नहीं उठा सत्ता। इसलिए तुम अलग रहो। खुद कमाओ और खुद खाओ।”

यह सुनकर उसका मां कहती है, “मगन यह तो ठीक नहीं कर रहा है बेटा। सोहन तेरा भाई है। उसको घर से बाहर मत निकाल बेटा।” मगन कहता है, “नहीं मां मैंने पक्का फैसला कर लिया है, मैं इसके ऊपर और खर्च नहीं कर सकता।”

यह सुनकर सोहन मां को कहता है, “मां तुम मेरी चिंता मत करो, मैं अपना ख्याल रख लूंगा। और तुमसे मिलने आया करूंगा।” और फिर सोहन घर छोड़कर चला जाता है।

रास्ते में उसको एक जंगल मिलता है। वह कहता है, “बहुत थक गया हूं, थोड़ी देर आराम कर लेता हूं।”जैसे ही सोहन एक पेड़ के नीचे लेटा, उसकी आंख लग गई।

पर जब वह उठा तो वह देखा, उसका हाथ बंधे हुए थे।

और सामने एक डरावना सा साया खड़ा हुआ था। और सोहन डर कर कहा, “अरे यह क्या हो गया? मेरे हाथ क्यों बंद है? तुम कौन हो? मेरे हाथ खोल दो।”

और फिर उस डरावना साया हंसकर कहा, “पहले तू बता, तू कौन है? और यहां क्यों आया है?”

सोहन डर के जवाब देता है, “मेरा नाम सोहन है, मेरे भाई ने मुझे घर से निकाल दिया है। और मैं काम की तलाश में दूसरे गांव में जा रहा हूं।”

डरावनी साईं ने कहा, “क्या तू मेरे लिए काम करेगा?”

सोहन कहां, “क्या काम करना है मुझे?” तो उसने बताया ” जब से मैं मारा हूं, तब से मैं अपना पसंदीदा नारियल नहीं खाया है। अगर तुम मुझे नारियल खिलाओगे, तो मैं तुम्हें इनाम दूंगा।”

सोहन क्या होता है, “ऐसी बात है तो मैं आपको नारियल लाकर देता हूं। अगर आपने इनाम नहीं दिया, तो भी मैं आपको आपकी खुशी के लिए नारियल लाकर दूंगा।”

सोहन आगे बढ़ा और एक नारियल के दुकान पर गया।

और दुकानदार से कहा मुझे एक नारियल चाहिए। दुकानदार ने कहा नारियल के लिए चालीस रुपया चाहिए। सोहन के पास चालिस रुपया नहीं था।

 और इसलिए वह नारियल बेचने वाला से कहा मैं आपकी सर को मालिश कर सकता हूं। और दावा करता हूं की ऐसी मालिश आपको कोई नहीं कर सकता। आप मुझे एक मौका तो दीजिए।

नारियल वाला कहा, “अच्छा देखते हैं। अगर तुमने अच्छी मालिश की तो तुम नारियल ले जा सकते हो।”

सोहन ने दुकानदार को बढ़िया मालिश की, और नारियल लेकर वापस जंगल में आया।

भूत उसको देख कर कहता है, “अरे वाह! तुम तो सच में नारियल लेकर आए। लाओ नारियल मुझे दो।” भूत ने झटपट नारियल खा लिया। और फिर बोला, सोहन यह लो तुम्हारा इनाम। ऐसा कहते ही भूत ने एक पत्ते को डाली को छुआ, जो डाली सोने की बन गई।

सोहन उसको लेकर बहुत खुश हुआ। और उसे लेकर अपने मां के पास पहुंचता है। सोहन जब सारे कहानी मां को बता रहा था, तब मगन ने भी के बातें सुन ली।

और वो मन में सोचा, अच्छा यह बात है।

रात को मगन भी जंगल की ओर गया और फिर एक पेड़ के नीचे जाकर सो गया। थोड़ी देर बाद भूत वहीं आ गया। भूत ने उसको पूछा, “तुम कौन हो? और इतनी रात को यहां पर क्या कर रहे हो?”

मगन कहा, “जी मैं मगन हूं, और मैं सोहन का भाई हूं। मैं आपके लिए नारियल लाया हूं।” यह सुनकर भूत उसको कहता है, “देख लालची दुष्ट, तू सोहन का भाई है इसलिए छोड़ रहा हूं, वरना तेरे लालच के कारण, तुझे यही मार देता। चल भाग यहां से।”

मगन अपने लालच के कारण शर्मिंदा हुआ। और वह भूत से माफी मांगी, और घर जाकर भाई सोहन से भी माफी मांगी। फिर उसके बाद वह एक साथ खुशी खुशी रहने लगी।

horror-stories-for-kids

एक अंगूठी

कुछ साल पहले की बात है, एक छोटे से गांव में एक व्यापारी रहा करता था। वह हर रोज सुबह-सुबह व्यापार करने शहर चला जाता था, और फिर शाम को वापस आता था।

एक दिन की बात है, उसको लौटने में थोरासा देर हो गया। इसीलिए वह जल्दी घर पहुंचने के लिए जंगल के बीचोबीच वाला रास्ते से, जाने का फैसला किया।

शाम ढल चुका था, चलते चलते उसका नजर किसी चमकीला चीज पर जाकर रुका। शाम कि अंधेरे में सब कुछ ठीक तरह से नहीं दिख रहा था।

थोड़ा पास जाकर उसने देखा, कि वह एक मरी हुई लड़की का लाश था। पहले उसने पुलिस को बताने के बारे में सोचा, लेकिन फिर उसका नजर पारा लड़की के हाथ के ऊपर। एक हीरे का अंगूठी।

उसने बहुत कोशिश किया उस अंगूठी को निकालने की। लेकिन उस लड़की का शरीर इतना ज्यादा सूज गया था, कि वह निकल नहीं रहा था।

कोई उपाय ना मिलने पर, उसने अपने जेब से एक खंजर निकल के उस उंगली को काट दिया, और अपने घर की तरफ जंगल के बीच से भागने लगा।

दो महीने बाद, एक दिन रात को बहुत ज्यादा तूफान आया हुआ था, और बारिश भी बहुत ज्यादा हो रहा था।

तभी उसके दरवाजे में किसी ने दस्तक दिया।

उसने दरवाजा खोल के देखा, एक सुंदर सी लड़की उसके दरवाजे के सामने खड़ा है। उसने उस लड़की को पूछा की इतनी रात को वह वहां पर क्या कर रहे हैं।

तो उस लड़की ने जवाब दिया, की वह पास के गांव में रहती है, और वह किसी को ढूंढते ढूंढते यहां आ गई है।

और अभी वापस नहीं जा सकती। तो उसको रात गुजरने के लिए एक जगह चाहिए।

इतनी रात को एक अकेली सुंदर लड़की देख कर, वह बहुत ज्यादा खुश हो गया। और खुशी खुशी उसको रहने के लिए हां कर दिया। फिर वह उसको बैठने बोला और अंदर चला गया।

जब वह लौट के आया, तो उसने देखा कि वह लड़की उसके रॉकिंग चेयर पर बैठी हुई है। और उसकी तरफ देख कर अजीब सा मुस्कुरा रही है। उसे थोड़ा सा डर लगा।

और फिर उसका नजर उसके हाथों पर गया।उसने देखा, कि उस लड़की का हाथ के तीसरी उंगली कटी हुई है। और उससे बहुत ज्यादा खून वह रही है।

अचानक से दो महीने पहले वह दिन का याद आ गया। और फिर वह लड़की उठकर अपने नाखून से उसका गला काट देता है। और इसी तरह वह अपनी उंगली काटने का सजा, उसको भूत बनकर देती है।

horror-stories-for-kids

भूतिया कठपुतली

राजस्थान की एक गांव में एक कठपुतली का नाच दिखाने वाला लड़का था, उसका नाम था संपद। वह बहुत इमानदार और सच्चा था। पर बहुत गरीब था।

संपद एक दिन कठपुतली का नाच दिखा रहा था, खेल दिखाने के बाद, थका हारा संपद एक पेड़ के नीचे आराम से सो गए।

उसको वहां पर सोते देखकर एक आदमी ने कहा, अरे संपद क्या हुआ? थक गए हो ना? मैं समझता हूं भाई,

पर इस पैर के नीचे मत बैठो।”संपद ने कहा, “क्यों, क्या हुआ?” उस आदमी ने कहा, “वह यहां सुना था यहां पर एक भूतनी रेहती है।

अचानक तेज हवाएं चलने लगती हैं, उस आदमी ने मैं चलता हूं कहकर दौड़ लगा दिया। और संपद कोई भूत नहीं है कहकर वह सो जाता है।

और अचानक एक कठपुतली पेड़ पर चढ़ने लग जाती है। उसके पीछे पीछे सारी कठपुतलियां पेड़ पर चढ़ने लगी। जब संपद उठा तो हैरान रह गया, वह सोचता है अरे मेरे कठपुतलियां कहां गई?

अचानक पैर की ऊपर से हसी के साथ आवाज आता है, ” मैं यहां हूं, मैं यहां हूं संपद।” संपद उसको पूछता है, “अरे तुम ऊपर कैसे पहुंचे? और तुम बोल कैसे रही हो? अरे बचाओ बचाओ कोई है। मैं बहुत गरीब हूं मुझे जाने दो, यह कठपुतलियां तुम रख लो, बस मुझे जाने दो। जरूरी भूत का काम है, उस आदमी ने मुझे सही सलाह दी थी।”

संपद भागने लगा, और एक कुएं के पास जाकर पानी पीने लगा। जैसी ही संपद ने कुएं में बाल्टी डाली, तो देखा वहां पानी के जगह कठपुतली निकली। वह बहुत डर गए, और कहने लगे, ” अरे भूत भूत, बचाओ मुझे!”

वहां से भागता भागता संपद एक जंगल में पहुंच जाते हैं। ओ कहने लगे, ” अरे है भगवान मैं जंगल में कैसे पहुंच गया? अब कहां जाऊं? यह कठपुतलियों ने तो मेरी जान मुश्किल में फसादी है। इनमें भूत का साया पहुंच गया है। अब क्या करूं?”

तभी एक कठपुतली उड़ती हुई संपद की सामने आ जाती है। और वह कठपुतली कहने लगी, “मेरा कहा नहीं मानोगे तो तुम अपनी कठपुतलियों से कभी नहीं मिल पाओगे। तुम्हें मेरा बस एक काम करना है, फिर मैं तुम्हें छोड़ दूंगी।”

संपद कहता है, “काम ? कैसा काम है?” भूतनी कठपुतली ने बोला, “जाओ उस पेड़ के नीचे एक बड़ी सी सिंदुक है, उसमें कठपुतलियों को तंत्र से बांधा गया है, जाकर उसे खोल दो। एक कठपुतली वाला ही उसे खोल पाएगा। अगर तुमने ऐसा किया, तो मैं कभी दोबारा तुम्हें परेशान नहीं करूंगी। क्योंकि उसके अंदर मेरा आत्मा है। जो कैद है।”

संपद उसी वक्त जाकर उस पेड़ के नीचे खुदाई करता है, और संदूक से कठपुतलियों को निकाल लेता है। और कठपुतलियों को हमेशा हमेशा के लिए आजाद कर देता है।

और फिर भूतनी कठपुतलियां कहता है, “मैं जा रही हूं संपद, यह लो तुम्हारी कठपुतलियां।” और संपद को अपनी कठपुतलियां वापस मिल जाती है। और वह दोबारा कभी उस कठपुतलियां भूत के वजह परेशान नहीं हुए।

horror-stories-for-kids

कुए की चुड़ैल 

बहुत पुरानी समय की बात है, एक कुआं था और उस कुएं में एक चुड़ैल रहती थी। यह अपने आप को दिखा कर सबको डराती थी।

और एक दिन की बात है, कि उस कुएं के पास से कोई गुजर के जा रहा था। तो उसने उसको ऐसे आवाज आते हुए सुनी। बड़ी प्यारी प्यारी आवाज आ रही थी।

तो उस आदमी ने इधर उधर देखा, लेकिन उसे वहां कोई दिखाई नहीं दिया। तो उसने उस कुएं में झांक कर देखा,

और जैसे ही वह कुए के अंदर झांक कर देखा, उसको चुड़ैल ने अंदर खींच लिया।

कुए के अंदर उसको खींच के जैसे ही उस चुड़ैल ने उसको कहा, की मैं तुम्हें खा जाऊंगी। तो वह आदमी बहुत डर गया। वह चुड़ैल कहने लगी, मेरी आज रात का भोजन तुम ही बनोगे। मैं तुम्हें जिंदा खा जाऊंगा।

तब वह आदमी बहुत डर गया, और सोचने लगा की, अब हमें क्या करूं! कैसे यहां से निकलूं? शाम हो चुकी थी, और जब वह घर नहीं पहुंचा, तो उसके घरवाले बहुत परेशानी में पड़ गए थे।

उसका छोटा भाई सोचने लगा,की बड़ा भाई अभी तक वापस क्यों नहीं आए। तो वह बड़ा भाई को ढूंढते हुए निकल गया। और वह आवाज देता हुआ जा रहा था।

उसके आवाज चुड़ैल के कानों तक पहुंच गई। जब चुड़ैल ने उसके आवाज सुनी, तो वह खुश हो गई। क्योंकि एक साथ दोनों सीकर जो मिल गई थी।

लेकिन छोटे भाई को पता चल गया था, कि उसके भाई इसी कुए के अंदर उस चुड़ैल के कैद में है। और तब बड़े भाई को भी पता चल गया था कि उसका छोटा भाई आ गया है। यह देख कर चुड़ैल बहुत खुश हो गया था,

को सोचने लगा आज के लिए मेरा खाना बहुत ज्यादा हो गया।

और छोटे भाई बड़े भाई के मदद के लिए इधर उधर घूमते लगे। कुछ देर बाद उसके एक पढ़ा हुआ मरा पेड़ दिखाई दी। उसने उस पेड़ को उठाकर कुए के पास गया, और उस पेड़ को कुए के अंदर फेंक दिया।

और वह अपने बड़े भाई को चिल्लाते हुए कहा उस पेड़ से चढ़कर ऊपर आने के लिए। लेकिन चुड़ैल ने उसको चढ़ने नहीं दिया। तब छोटा भाई इधर-उधर घूमते हुए जंगल में एक मंदिर के पास गया, जहां उसे हनुमान जी की एक मूर्ति दिखाई दी।

तो उसने उस हनुमान जी के मूर्ति को प्रणाम किया, और हनुमान जी के मूर्ति को कहने लगा, प्रभु रक्षा करो! और उस मूर्ति को उठाकर, वह उस हुए की तरफ ले गए।

और कुए के पास जाकर, बार-बार कहने लगा यह चुड़ैल अगर तेरे में हिम्मत है तो ऊपर आ कर दिखा।

और फिर बहुत बार यह बात कहने से चुड़ैल को गुस्सा आ गया। और वह अपने नाखून भरे पंजा निकलकर छोटे भाई को पकड़ने गए, तब छोटा भाई हनुमान जी के मूर्ति को आगे किया। और वह मूर्ति चुड़ैल की हाथ में आ गए।

और पवन पुत्र हनुमान जी के शक्ति के ताकत से वह चुड़ैल वहीं पर खत्म हो गया। और उसका बड़ा भाई वह पेड़ में चढ़कर ऊपर आ गए। इसी तरह वह दोनों उस दिन बचके निकल गए। और उसके बाद वह दोनों कभी उस कुए के पास नहीं गया।

END

I hope you like our Hindi Horror Story For Kids. If you like our stories please comment below which one you like the most. I think you like to see some Hindi friendship stories.

Like our Facebook page to get daily updates about the new stories. Thank you, visit again.