तीन वादे || 10+ Best Pancha Tantra Story In Hindi With Pdf

Hi, today we have for you the story तीन वादे (Teen Wade) from Pancha Tantra. Hope you have a lot of fun reading this.

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तीन वादे 

तीन वादे

एक जमाने में एक शहर में रहते एक डॉक्टर, बह एक अति उत्तम और दयालु डॉक्टर थे। और वह अपने काम में भी बहुत अच्छे थे। सारे गांव वाले उन्हें बहुत पसंद करते थे। और लोगों की मदद करने के लिए हर कोई उन्हें बहुत सम्मान भी करता था। एक बार देर रात को बाहर बहुत बारिश हो रही थी। और डॉक्टर के दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी।

जब डॉक्टर ने दरवाजा खोला उन्होंने देखा कि एक आदमी बाहर पूरी तरह से भीगा हुआ था। और बह ठंड से कांप रहा था। डॉक्टर उस आदमी को बोल कि, “श्रीमान आप इतनी बारिश में बाहर क्या कर रहे हैं?” उस व्यक्ति ने कहा, “कृपया मेरी मदद करें। मेरा घर यहां से बहुत दूर है। मैं बहुत बीमार महसूस कर रहा हूं। और मैं बहुत कमजोर हो गया हूं। मुझे नहीं लगता कि मैं घर पहुंच पाउंगा, कृपया मुझे आज रात यही रहने दे और मेरा इलाज करें।”

डॉक्टर ने कहा, “अंदर आ जाइए और आज यहां विश्राम कर सकते हैं।’ वह आदमी बहुत आभारी होकर अंदर आ गया। जबकि डॉक्टर ने उसके सर्दी और फ्लू दूर करने के लिए उससे कुछ दवाई दी। दूसरे दिन सुबह इस आदमी ने डॉक्टर से कहा कि, “वह गांव का एक सोनार है। और उससे अगर किसी भी तरह की मदद चाहिए तो वह उसके पास आ सकता है।” सुनार ने डॉक्टर का शुक्रिया अदा किया और वहां से चला गया।

तीन वादे

कुछ दिन बीत गए डॉक्टर अपने दवाई बनाने के लिए कुछ आयुर्वेदिक जड़ों और फूलों के खोज में जंगल गए थे। रास्ते में उन्हें बहुत प्यास लगी तो वह एक्वेब के पास थोड़ा पानी पीने के लिए रुके। पानी पीते वक्त उन्होंने मदद की पुकार में की कोई आवाज़ सुनी।

जब उन्होंने थोड़ी दूर देखा, तो एक विशाल पैर जमीन पर गिर गया था। ऐसा लगा कि उस पेड़ की पास से मदद पुकारने की आवाज आ रही थी। इसलिए वह उस पेड़ की और गाया। पेड़ के नीचे एक बाघ और सांप सभी शाखा और पत्तों के नीच फस गए थे। बाघ और सांप ने कहा कि कृपया करके मुझे बचा लो।

बाघ ने कहा कि, “कृपया करके मुझे बचा लो, मेरा पैर इस पेड़ के नीचे फंस गया है, और मैं बाहर नहीं निकल पा रहा।” तब सांप ने भी कहा, “कृपया करके मेरी भी मदद कीजिए, मैं सभी शाखाओं में फंस गया हूं, जाने का अपना रास्ता नहीं बना पा रहा हूं।” डॉक्टर जंगली जानवर से थोड़ा भयभीत थे। और वह उन दोनों की मदद करने के लिए थोड़ा हीच खिंचा रहे थे।

तीन वादे

बाघ ने कहा, “तुम चिंता मत करो, मैं तुम्हें नुकसान नहीं पहुंचाने का वादा करता हूं।” डॉक्टर ने उनके बात पर यकीन कर लिया और पैर को उठा लिया। उसके बाद वह आजाद हो गया, और डॉक्टर को उसके मदद करने के लिए धन्यवाद कहा। बाघ ने कहा, “अगर तुम्हें कभी मदद की जरूरत है, तो मुझे पुकारना और मैं तुम्हें बचाने आ जाऊंगा।”

डॉक्टर ने बाघ को धन्यवाद कहां और सांप को बाहर निकालने लगे। जब सांप आजाद हो गया तो उसने भी डॉक्टर का शुक्रिया अदा किया। सांप ने कहा, “आपने मेरी जान बचाई है, मैं भी आपका एहसानमंद हूं, यदि आपको किसी सहायता की जरूरत हो तो मुझे बुलाए, मैं आपकी मदद करने आ जाऊंगा।” उसके बाद बाघ और सांप चले गए। और डॉक्टर वापस घर आ गए।

कुछ दिन बीत गए और डॉक्टर दवा बनाने के लिए जेढ़ को इकट्ठा करने के लिए फिर से जंगल गए। अचानक उन्होंने एक तेज आवाज सुनी और एक तेंदुए द्वारा हमला किए जाने वाले थे। डॉक्टर को कोई और भी शक्तिशाली प्राणी की जरूरत थी। उन्हें उस समय बाघ की वादा याद आया। और उससे मदद के लिए पुकारने लगे, बाघ मुझे बचाओ, बचाओ मुझे।”

तीन वादे

बाघ ने डॉक्टर की आवाज सुनी और उन्हें बचाने चले आए। उसने तेंदुए को डरा कर वहां से भगा दिया। बाघ ने डॉक्टर को उसके गुफा में आने का न्योता दिया। और उससे कहा कि वह बहुत खुशी हुई उन्होंने उसे मदद के लिए पुकारा। उसने डॉक्टर को कुछ सोना भी दिया। जो उसे जंगल में मिला था। और उसके साथ व्यापार करने के लिए कहा।

जैसे ही डॉक्टर बाघ के गुफा से निकले, उन्हें सोनार की वादे के बारे में याद आय। और वह गांव चले गए। उन्होंने वह सोना, सोनार को दिया और कहा कि बाघ ने उन्हें दिया है। उन्होंने सोनार से पूछा क्या वह सोने के बदले पैसा दे सकते हैं। सोनार ने वह सोना पहचान लिया कि वह सोना राजा के बेटे का था। राजकुमार एक दिन शिकार पर निकले थे पर वह कभी वापस नहीं आए।

सोनार को तब राजा की घोषणा याद आई। जो भी राजकुमार या सोना को खोज पाएगा या वापस ले आएगा उससे खजाने से पुरस्कृत किया जाएगा। सुनार ने डॉक्टर को इंतजार करने काहा, कि यह बोलकर वह सोने का गुण रखना चाहता है। इसी दौरान और दुष्ट सोनार अपने घर के पीछे वाले रास्ते से निकल गया। और राजा के पास गया उसे वह सोना दिखाने के लिए।

तीन वादे

उसने राजा को बोला कि एक आदमी के पास यह सोना था। और शायर उसी ने राजकुमार को मारा होगा। राजा को बहुत गुस्सा आ गया। और उन्होंने तुरंत डॉक्टर को सजा दी। जैसे ही डॉक्टर को जेल में डाला गया वह चिल्लाने लगे, “मुझसे कोई भूल नहीं हुई है, वह सोना मुझे मेरे दोस्त बाघ ने दिया था। सोनार झूठ बोल रहा है कृपया मुझे यहां से जाने दो।”

जब डॉक्टर जेल में कैद थे तभी एक चूहा उनके पास आया। और उनसे बोलने लगा, “मैं तुम्हारी मदद करना चाहता हूं, पर मैं ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। किसी ऐसे को पुकारो जब आंखें ही तुम्हारी मदद कर सके, शायद वह आ जाए।” डॉक्टर को तब सांप के बारे में याद आया। और वह उसको पुकारने लगे, “ओह सांप,ओ सांप कृपया आकर मेरी मदद करो।’

जब सांप आया तब उन दोनों ने पूरी घटना के बारे में बात की। तब सांप एक विचार आया, वह रानी को डस लेगा। उसने कहा, “क्योंकि मैं एक जहरीले सांप हूं। इसलिए कोई अन्य डॉक्टर मेरे डसने का इलाज नहीं कर सकता है। मैं जाकर रानी को काट लेता हूं। उसके बाद आप उनका सहायता करने का प्रस्ताव देना।

तीन वादे

यह बोलकर कि एक डॉक्टर की रूप पर आपके पास अच्छे एक कौशल है। आप राजा के रक्षक तक पहुंच सकते हैं और कह सकते हैं कि आप रानी को बचा सकते हैं।” योजना को अच्छी तरह से निश्चित किया गया। डॉक्टर ने रानी को ठीक कर दिया। राजा डॉक्टर से बहुत खुश हुए। राजा डॉक्टर से कहा कि उन्हें जो भी पसंद हो वह उनकी मांग करें।

किंतु डॉक्टर ने कहा मुझे कुछ नहीं चाहिए, उस सोनार ने आपसे झूठ बोला। मुझे वह सोना मेरे बाघ दोस्त ने दिया था। कृपया करके आप उस सोनार को सजा दे। राजा को बहुत गुस्सा आ गया, और उन्होंने डॉक्टर को छोड़ दिया। किंतु उस सोनार को बंदी बना लिया गया।

Moral : “हमेशा हर एक वादे यह इंसान से भरोसा नहीं करनी चाहिए।”

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