लालची नाई || Best Pancha Tantra Story In Hindi (2020)

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लालची नाई

लालची नाई

एक छोटी सी शहर में रघु नाम का एक व्यापारी रहता था, वह एक दयालु इंसान था। बहुत सारे लोग उसके घर आते जाते थे और सभी को उसकी मेहमान दारी पसंद थी। लेकिन एक दिन उसने अपना धन एक व्यापार में लगाया जिसका नुकसान हो गया। जिसके वजह से अपना सारा धन खो दिया।

उस दिन से कोई उसके पास आता जाता नहीं था। रघु को बहुत अकेला लगने लगा। पैसों की बिना मेरा कोई महत्व है ही नहीं ऐसे कैसे जियूं मैं ऐसा सोचते सोचते रघु गहरी नींद में सो गया। उसने तब एक बहुत अच्छा सपना देखा। सपने में एक साधु ने उसे बोला, “रघु तुम बहुत ही अच्छे इंसान हो। मैं तुम्हारी सहायता करूंगा। कल मैं तुम्हारे घर आऊंगा फिर तुम मेरे सिर को एक लकड़ी से चूना और मैं सोने में बदल जाऊंगा। उस सोने का उपयोग करके तुम अपने परेशानियों से निकल जाओ।”

लालची नाई

अगली सुबह जब रघु जाग गया तो उससे वह सपना याद रहा। सोच में पड़ गया कि यह सपना सच होगा कि नहीं। इसी दौरान कोई दरवाजे पर आया। उनकी पत्नी ने दरवाजा खोला और देखा कि नाई आया हुआ है। नाई अपने काम पर लग गया रघु निराश होकर बैठा रहा।

किसी ने दरवाजा खटखटायाई। इस बार सच में एक साधु बाहर खड़ा था। साधु को देखकर आश्चर्य रह गया। जल्दी से वह लकड़ी ले आया और साधु की सर को उससे छुआ। लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ साधु सच में सोने की रूप में बदल गया। नई भी यह देखकर आश्चर्य रह गया।

लालची नाई

रघु ने थोड़ा सा सोना नाई को दिया और बोला किसी को इस बारे में नहीं बताए।नाई इस बात से सहमत होकर वहां से खुशी-खुशी चली गई। कुछ देर बात को सोचने लगा अच्छा तो इन साधुओं की सर पर लकड़ी से मारने से यह सोने में बदल जाते हैं। अगले दिन यह लालची नाई मंदिर गया और सभी साधु को अपने घर भोजन पर बुलाया।

जब साधु उसके घर पहुंचे। तो नाई ने सबको एक कमरे में बंद कर दिया। और लकड़ी से सबको मारने लगा। बेचारे साधुओं को बहुत जोर की चोट लगी। जैसे तैसे करके सभी वहां से भाग गए। और महाराज के पास चली गई नाई की बारे में शिकायत करने।

लालची नाई

महाराज ने सारी घटना सुनी और दुरंत नायको महल पर आने का आदेश दिया। नाइ सभा पर आई तो महाराज ने उससे पूछा, तुमने ऐसा क्यों किया। तो वोह जो कुछ भी रघु कि घर पर देखा उसने सब कुछ बताइ। फिर महाराज ने रघु को भी उधर बुलाया और उससे भी यही सवाल किया।

रघु आई और बोली प्रणाम महाराज, कि हां वह सच है कि वह साधु सोने में बदल गया। परंतु मैंने उसके सर पर मारा नहीं लगता है, इस नई को पूरी कहानी पता ही नहीं। रघु ने महाराज को सब कुछ बताया और उसकी वह सपने के बारे में भी। आखिरकार महाराज को सब समझ में आ गया। और उस लालची नाई को उसके कर्मों के लिए बंदी बनाया गया।

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